मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि कक्षा में स्थापित किए गए उपग्रहों की मरम्मत, ईंधन भरने, उन्नयन करने और उनकी स्थिति बदलने के दौरान देखरेख तथा दोबारा ईंधन भरने तकनीक में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियों को साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। वे आज बेंगलुरु में भारत के पहले अंतरिक्ष-तकनीक स्टार्टअप, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस की नई अनुसंधान एवं विकास सुविधा के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. वी. नारायणन ने दो अंतरिक्ष यानों के आपस में जुड़ने की प्रक्रिया और दोबारा ईंधन भरने के इंटरफेस जैसी तकनीकों के विकास तथा भारत में अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्य को आकार देने के लिए उपग्रहों की समयसीमा विस्तार जैसी सेवाएं प्रदान करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसरो ने हाल ही में अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र और आगामी अभियानों में निजी कंपनियों के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं।
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News & Image Source: newsonair.gov.in



