उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गंगटोक में सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित

0
70
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गंगटोक में सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित
Image Source : @VPIndia

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिक्किम के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर राज्‍य की जनता को शुभकामनाएँ देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में इस हिमालयी राज्य की यात्रा अत्यंत असाधारण रही है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन के दौरान उन्होंने सिक्किम के भारत में विलय से संबंधित घटनाक्रमों को बहुत करीब से देखा था। उन्‍होंने सिक्किम के 51वें स्थापना दिवस समारोह में मौजूद होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। सिक्किम को “हरा-भरा, ऑर्गेनिक और स्‍वच्‍छ” बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम केवल कृषि के क्षेत्र में ही ऑर्गेनिक नहीं है, बल्कि उसका चरित्र भी “ऑर्गेनिक” है। राज्य में अपनी सड़क यात्रा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सिक्किम के लोगों का अनुशासित और दयालु स्वभाव देखा है। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार और सौहार्दपूर्ण जीवन शैली व्यक्ति तथा समाज—दोनों को सशक्त बनाते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम इस बात का शानदार उदाहरण है कि प्रकृति, संस्कृति और शासन के बीच सामंजस्य से क्या-क्या उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। इस अवसर पर राज्य की जनता को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना का 51वाँ वर्ष विकास, परिवर्तन और समावेशी विकास के एक नए दौर की शुरुआत करेगा। सिक्किम के प्रथम मुख्‍यमंत्री काज़ी लेंडुप दोरजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें सदैव एक दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने बुद्धिमत्ता, साहस और प्रतिबद्धता के साथ सिक्किम का ऐतिहासिक लोकतांत्रिक परिवर्तन के ज़रिए मार्गदर्शन किया। राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की हाल की सिक्किम यात्रा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया और उन्‍हें जनता को समर्पित किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री के “एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट” के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए सिक्किम को पूर्वोत्तर की “अष्टलक्ष्मी” का अभिन्न अंग बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “विकसित भारत @2047” का विजन समावेशी विकास पर आधारित है, जिसमें किसी भी क्षेत्र को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा। पूर्वोत्तर में बुनियादी ढाँचे और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सराहना करते हुए उन्होंने क्षेत्र में रेलवे और हेलीपोर्ट सुविधाओं के विस्तार को रेखांकित किया। अपनी हाल की मिज़ोरम यात्रा का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से पूर्वोत्तर में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिक्किम को भी जल्द ही सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे राज्य के ऑर्गेनिक उत्पादों को पूरे भारत के बाजारों तक पहुँचने में मदद मिलेगी और “विकसित भारत @2047” में उसका योगदान और अधिक सशक्त होगा। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में सिक्किम सरकार की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्य सतत विकास के एक वैश्विक मॉडल के रूप में उभरा है। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2016 में सिक्किम दुनिया का पहला 100 प्रतिशत जैविक राज्य बना था। उन्होंने 76,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को केमिकल-फ़्री इकोसिस्टम में परिवर्तित किए जाने को केवल कृषि सुधार नहीं, बल्कि “सांस्कृतिक क्रांति” बताया।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति ने “मेरो रुख मेरो संतति” जैसी पहल की सराहना की, जिसके अंतर्गत प्रत्येक नवजात शिशु के जन्म पर 108 पेड़ लगाए जाते हैं, तथा “शिशु समृद्धि योजना” की भी प्रशंसा की, जो बच्चों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें आध्यात्मिकता को स्थिरता से तथा पर्यावरणीय नेतृत्व को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। सिक्किम के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने राज्य को राष्ट्र का प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न समुदायों के बीच एकता, सहयोग की भावना और लोगों में गहरी देशभक्ति की भावना सिक्किम को भारत की अखंडता का एक मजबूत स्तंभ बनाती है। उन्होंने सीमावर्ती और वाइब्रेंट विलेज का दौरा करने और विकास के कामों में तेज़ी लाने के लिए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सिक्किम के 58 गाँवों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गाँव अब “देश के अंतिम गाँव” नहीं, बल्कि “भारत के प्रथम गाँव” हैं। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने संपर्क, बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और शासन से संबंधित कई विकास परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शिलान्‍यास और उद्घाटन किया। इनमें रिंबी– युकसम सड़क का उन्नयन, राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर सुरक्षात्मक कार्य और पुल निर्माण, रंगपो खोला पर स्टील ब्रिज का निर्माण, बुर्टुक हेलीपोर्ट का पुनर्निर्माण एवं उन्नयन, नामची स्थित कामरांग गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में नया विज्ञान ब्लॉक, तथा पाकयोंग के अरितार में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने सुशासन और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सिक्किम एक्साइज मैनेजमेंट सिस्टम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने “सिक्किम राइज़” नामक एक सरकार समर्थित उद्यमिता कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, वित्तीय सहायता और बुनियादी ढाँचे के सहयोग के माध्यम से नवाचारपूर्ण विचारों को बड़े और सक्षम व्यवसायों में परिवर्तित करना है। उन्होंने “मिशन सिक्किम ऑर्गेनिक्स” भी लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य ऑर्गेनिक और सतत विकास के क्षेत्र में राज्य की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करना है। उपराष्ट्रपति ने लेप्चा, भूटिया और नेपाली जैसे विभिन्न समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया। सिक्किम की सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विविध परंपराओं का राष्ट्रवाद की भावना से एक साथ आना वास्तव में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करता है। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, सिक्किम विधान सभा के अध्यक्ष मिंगमा नोरबू शेरपा, सिक्किम सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री सोनम लामा, वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य विशिष्‍ट अतिथि शामिल थे।

#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi

Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें

Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here