मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने भारत में न्यायलयों को कागज रहित बनाने के लिए ई-कोर्ट्स परियोजना के 7,210 करोड़ रूपय आवंटित किए हैं। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद देवगिरी प्रांत और माणिकचंद पहाड़े विधि महाविद्यालय द्वारा आयोजित न्यायिक व्यवस्था में प्रौद्योगिकी विकास पर आधारित एक व्याख्यान में केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- एआई को खतरा नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई नौकरियों में कटौती नहीं बल्कि लोगों द्वारा किए जाने वाले कार्य के प्रकार को परिवर्तित करेगा।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि सरकार डिजिटल प्रौद्योगिकी के जरिए न्यायालयों को आधुनिक बनाना पहले ही शुरू कर चुकी है। ई-कोर्ट्स परियोजना के अंतर्गत न्यायालयों में कागजी काम धीरे-धीरे कम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ई फाईलिंग प्रणाली पहले ही लाई जा चुकी है। जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में जारी कार्य को अब लोग अपने मोबाईल फोन पर केस का विवरण जांच कर सकेंगे। केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि न्यायपालिका अब कागज रहित प्रणाली की ओर आगे बढ़ रही है। इससे नागरिकों के लिए न्यायालय अधिक सुगम बनेंगे।
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



