प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक तनावों के बीच योग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा- शांति का मार्ग दिखाता है योग

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मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि विश्‍व के विभिन्‍न भागों में तनाव, अशांति और अस्थिरता की स्थिति है, ऐसे में योग शांति का मार्ग दिखाता है। आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में 11वें अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्‍व करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग समस्‍त मानवता के लिए स्थिरता, संतुलन और समग्रता का प्रभाव लाता है। इस अवसर पर उन्‍होंने विश्‍व समुदाय से योग दिवस को मानवता के लिए योग 2.0 की शुरूआत के रूप में मनाने का विशेष आह्वान किया, जहां आंतरिक शांति, वैश्विक नीति बने। उन्‍होंने कहा कि योग अब व्‍यक्तिगत अभ्‍यास न रह कर वैश्विक भागीदारी के माध्‍यम के रूप में उभरा है। उन्‍होंने प्रत्‍येक समाज और प्रत्‍येक राष्‍ट्र को योग को अपने दिनचर्या में समाहित करने और लोकनीति का हिस्‍सा बनाने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने शांतिपूर्ण, संतुलित और टिकाऊ विश्‍व के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्‍यकता बताते हुए कहा कि योग विश्‍व को संघर्ष से सहयोग, तनाव से समाधान की ओर ले जाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आधुनिक शोध के माध्‍यम से योग के विज्ञान को वैश्विक स्‍तर पर मजबूत करने के भारत के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान योग अनुसंधान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं, जिसका उद्देश्य समकालीन चिकित्सा पद्धतियों में इसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता स्थापित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने चिकित्सा और अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से योग के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित चिकित्सा को बढ़ावा दे रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्‍स नई दिल्ली के शोध निष्कर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि योग ने हृदय और तंत्रिका संबंधी विकारों के उपचार के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण में सुधार लाने में महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाया है।
योग दिवस को अंतरराष्‍ट्रीय मान्‍यता मिलने की यात्रा का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 21 जून को योग दिवस मनाने का प्रस्‍ताव संयुक्‍त राष्‍ट्र में रखा था और बहुत कम समय में 175 देशों ने इस प्रस्‍ताव का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि यह केवल एक प्रस्‍ताव का समर्थन नहीं था, बल्कि  मानवता के हित में पूरे विश्‍व का सामूहिक प्रयास था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस का विषय- एक पृथ्‍वी एक स्‍वास्‍थ के लिए योग स्‍मरण कराता है, कि किस प्रकार वर्तमान और भावी पीढि़यों का सुखद भविष्‍य सुनिश्चित करने के लिए पूरा विश्‍व एकजुट है।
श्री मोदी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्‍याण के नेतृत्‍व में आंध्रप्रदेश में एक उल्‍लेखनीय पहल योगांध्र अभियान की शुरूआत हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि दो करोड़ से अधिक लोग योगांध्र अभियान में शामिल हुए हैं, जो जन भागीदारी की जीवंत भावना को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यही भावना विकसित भारत का आधार है।
विशाखापत्‍तनम में मुख्‍य योग दिवस कार्यक्रम में दो लाख 72 हजार लोगों ने भागीदारी की। पूर्वी नौसेना कमान ने फ्लाई पास्ट का प्रदर्शन किया और योग सत्र 45 मिनट तक चला।

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News & Image Source: newsonair.gov.in

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