भोपाल: मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल में फरवरी 2025 में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का आयोजन । जीआईएस-2025 समिट का उद्देश्य निवेशकों को राज्य की क्षमताओं, प्रचुर संसाधनों एवं अनुकूल औद्योगिक वातावरण से अवगत कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिये आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा देश के विभिन्न शहरों में इन्टरेक्टिव सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 10 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ।
वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा है, “25 दिसंबर को नदी जोड़ो परियोजना का खाका देने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee 100th Birth Anniversary) है। इस उपलक्ष में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर तक राज्य सरकार जन कल्याण पर्व मना रही है। सरकार हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएगी।”
रोजगार के बेहतर अवसर पर बल
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही.
निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं. नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है.
मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे.इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा.
निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
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