मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में आयोजित तीसरे ‘श्री अरुण जेटली मेमोरियल डिबेट’ के पुरस्कार समारोह में शामिल हुए। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और एसआरसीसी के उन पूर्व छात्रों को सम्मानित किया जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। श्री अरुण जेटली जी को याद करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके नाम पर आयोजित यह डिबेट उनकी नेतृत्व क्षमता, बौद्धिक सक्रियता और बेहतरीन भाषण कला की विरासत के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र के लिए सवाल पूछना जरुरी है, लेकिन सवाल वहीं उठाए जाने चाहिए जहाँ जरुरत हो; मकसद बाधा डालना नहीं, बल्कि विकास करना होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आलोचनात्मक सोच रखने और यह सोचने का आग्रह किया कि क्या उनके फैसलों और समर्थन से समाज और देश को लाभ होगा। उत्कृष्टता के 100 साल पूरे करने पर एसआरसीसी को बधाई देते हुए, उपराष्ट्रपति ने छात्रों से नई चीजे खोजने, खुद को चुनौती देने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने की यात्रा में योगदान देने वाले राष्ट्र-निर्माता बनने का आग्रह किया।
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