मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज दिल्ली में ‘हिमालयी पर्यावरण और विकास के लिए जीबी पंत सोसाइटी’ की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की। आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका को बेहतर बनाने और व्यापक हित के लिए, ‘पहुंच और लाभ-साझाकरण अधिकारों’ तथा ‘जन जैव विविधता रजिस्टर’ के महत्व पर जोर दिया।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, एक ऐसी नीतिगत रूपरेखा पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारतीय हिमालयी क्षेत्र में पारिस्थितिक सुरक्षा और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने संस्थान द्वारा किए गए कार्यों के ज्ञान-भंडार को समृद्ध करने वाले चार प्रकाशन (भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन के लिए जैव विविधता और इसके संरक्षण के उपाय, गंगोत्री हिमनद प्रणाली, भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर गवर्नेंस, भारतीय हिमालयी क्षेत्र के रामसर आर्द्रभूमि) भी जारी किए।
News Source : Social Media
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