मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग (आईपीआरडी) 2026 के स्मारक सत्र को संबोधित किया। कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “आज नई दिल्ली में ‘इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग’ (आईपीआरडी) 2026 के स्मारक सत्र को संबोधित करते हुए, मैंने इस बात पर प्रकाश डाला कि समुद्री व्यापार में आने वाली बाधाएं और महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट्स’ (संकरे समुद्री मार्ग) किस तरह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसका समाधान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मजबूत साझेदारियों के माध्यम से अधिक लचीलापन विकसित करने में निहित है।”
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, “जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ रहा है, ‘महासागर’ को लेकर हमारा दृष्टिकोण ऐसी तकनीकी साझेदारियों की मांग करता है जो क्षमताएं विकसित करें, न कि निर्भरता बढ़ाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि आईपीआरडी साझा ज्ञान और विचार-विमर्श को व्यावहारिक पहलों में बदलने के लिए महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करना जारी रखेगा, और एक सुरक्षित, लचीले तथा समृद्ध इंडो-पैसिफिक की दिशा में एक सामूहिक मार्ग प्रशस्त करेगा।”
News Source : Social Media
Image Source : X @rajnathsingh
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