मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया के संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां की स्थिति अस्थिर है और भारत को किसी भी हालत के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह बात पश्चिम एशिया के हालात पर नजर रखने के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त की जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल थे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के पास तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और निर्बाध आपूर्ति को बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
आप को बता दे, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राजनाथ सिंह ने कहा कि जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और इसके कारण हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा जोखिमों को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की। सिंह ने “भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल” के गठन को भी महत्वपूर्ण बताया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा तथा जिसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है। बैठक में यह भी बताया गया कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का 60 दिनों से अधिक, एलएनजी का लगभग 50 दिन और एलपीजी का 40 दिन का भंडार है; विभिन्न क्षेत्रों जैसे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका से आयात स्रोतों में विविधता से तथ्य के अनुसार आपूर्ति सुरक्षित रखी जा रही है।
Image source: रक्षा मंत्रालय
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