मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें चीन और हांगकांग की कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये लोग और कंपनियां ईरान को हथियार बनाने और शाहेद ड्रोन तथा बैलिस्टिक मिसाइल के लिए जरूरी सामान जुटाने में मदद कर रहे थे। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा है कि ईरान की सैन्य क्षमता को रोकने के लिए आर्थिक कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, ईरान के साथ गैरकानूनी व्यापार करने वाली विदेशी कंपनियों और बैंकों पर भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की समुद्री गतिविधियों को सीमित करने के लिए उठाया गया है। गौरतलब है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जहां से दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस वजह से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखी जा रही है। ईरान बड़े पैमाने पर ड्रोन बनाने की क्षमता रखता है और हर महीने करीब 10 हज़ार ड्रोन बना सकता है।
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