मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को बड़ी मज़बूती मिली है। भारत और इटली ने अलग-अलग क्षेत्रों में 15 अहम नतीजों को अंतिम रूप दिया है। इन समझौतों पर आज रोम में प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद हस्ताक्षर किए गए। इन नतीजों से दोनों देशों के रिश्तों का स्तर बढ़कर ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ तक पहुँच गया है। दोनों देशों ने कृषि, अहम खनिजों, आयुर्वेद, विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी, समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। भारतीय नर्सों के इटली आने-जाने को आसान बनाने के लिए भी एक समझौता किया गया, जिससे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। एक और अहम समझौता लोथल में ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ के विकास पर केंद्रित है, जो सांस्कृतिक और समुद्री विरासत के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को दिखाता है। भारत और इटली ने टैक्स से जुड़े अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने के खिलाफ़ तालमेल को मज़बूत करने पर भी सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद, संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी रोडमैप देगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ ने रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास करने और मिलकर उत्पादन करने के नए रास्ते खोल दिए हैं।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली, समुद्री ताकतों के तौर पर शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करेंगे। वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। पीएम मोदी ने इस बात को दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत और इटली इस मामले में एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। आर्थिक सहयोग पर बल देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इटली दुनिया भर में अपने डिज़ाइन और बारीकी के लिए जाना जाता है, जबकि भारत को बड़े पैमाने, प्रतिभा और किफायती नवाचार के एक केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश “भारत और इटली में डिज़ाइन तथा विकास और इन्हें दुनिया के लिए उपलब्ध कराने” के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे। इटली की पीएम जोर्जिया मेलोनी ने कहा कि ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ भारत और इटली के रिश्तों की बढ़ती गहराई को दिखाती है, जो आपसी भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र’ में नौवहन की आज़ादी सुनिश्चित करने और अहम क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। पीएम मोदी की इस यात्रा के परिणामों से आर्थिक जुड़ाव, नवाचार साझेदारी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को और बढ़ावा मिलने की आशा है, साथ ही वैश्विक शांति, सतत विकास और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग भी मज़बूत होगा।
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