मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाटो से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद करने के आह्वान को ब्रिटेन और जर्मनी ने खारिज कर दिया है। दोनों देशों ने कहा है कि यह नाटो का मिशन नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य खाड़ी का एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन गलियारा है। इसे ईरान ने संघर्ष के दौरान अमरीका और सहयोगी देशों के यातायात के लिए बंद कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि नाटो के सदस्य इस जलमार्ग को फिर से खोलने में सहायता करने से इनकार करते हैं तो नाटो का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि ब्रिटेन होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना पर सहयोगियों के साथ काम कर रहा है, लेकिन व्यापक युद्ध में शामिल नहीं होगा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों से महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग को खोलने के लिए युद्धपोत भेजने की मांग की थी।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन अमेरिका और यूरोप तथा खाड़ी देशों में अपने सहयोगियों के साथ इस क्षेत्र में मौजूद बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर चर्चा कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री स्टार्मर की आलोचना की है कि उन्होंने कथित तौर पर युद्ध का समर्थन नहीं किया। इस बीच, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध का नाटो से कोई लेना-देना नहीं है और यह नाटो का युद्ध नहीं है। ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक से पहले जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि नाटो को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की स्थिति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाटो ने कोई निर्णय नहीं लिया है और न ही वह इस मुद्दे के लिए जिम्मेदार है।
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