मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, असम सरकार इस महीने की 26 तारीख को विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने अपने नये कार्यकाल की पहली मंत्रिमंडलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बताया कि असम विधानसभा का विशेष सत्र 21 से 26 मई तक आयोजित किया जाएगा। इसमें नव निर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि यूसीसी विधेयक सत्र के समापन दिवस पर पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य विवाह की कानूनी उम्र, बहुविवाह, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों को संबोधित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक प्रथाएं विधेयक के दायरे से बाहर रहेंगी।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को भी प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से छूट दी जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने कल की बैठक में मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी। इस कदम के साथ, असम उत्तराखंड और गुजरात के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पेश करने वाला तीसरा राज्य बनने जा रहा है।
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